Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review in Hindi: कपिल शर्मा की कॉमेडी, प्यार और सेक्युलर मैसेज का नया तड़का

बॉलीवुड में कॉमिक एंटरटेनमेंट की बात हो तो कपिल शर्मा का नाम सबसे आगे आता है। Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review
2013 में छोटे पर्दे पर धमाकेदार डेब्यू करने वाले कपिल ने करोड़ों लोगों को हँसाया,
लेकिन सिनेमास्क्रीन पर उनकी यात्रा उतनी चमकीली नहीं रही। 2015 में आई Kis Kisko Pyaar Karoon भले ही दर्शकों का मनोरंजन करने में सफल रही हो, लेकिन इसका कॉमेडी स्टाइल ओवर-द-टॉप और थोड़ा आउटडेटेड माना गया।
अब लगभग एक दशक बाद, डायरेक्टर अनुकल्प गोस्वामी कपिल शर्मा को लेकर लेकर आए हैं
Kis Kisko Pyaar Karoon 2 — और इस बार कहानी सिर्फ कॉमेडी नहीं, बल्कि एक दिल छू लेने वाली सामाजिक और भावनात्मक यात्रा भी है।
फिल्म की खूबसूरती यह है कि यह मनोरंजन के साथ एक प्रोग्रेसिव सोच भी लेकर आती है।
स्लैपस्टिक ह्यूमर, धर्म परिवर्तन से जुड़ी गलतफहमियां, तीन-शादियों वाला क्लासिक कन्फ्यूजन—इन सबके बीच फिल्म एक मजबूत संदेश देती है कि प्यार इंसान को जोड़ता है, तोड़ता नहीं।
कहानी: प्यार, गलतफहमियां और तीन शादी — मज़ेदार ‘कुंभकर्णी कन्फ्यूजन’
फिल्म की कहानी शुरू होती है मोहन शर्मा (Kapil Sharma) और सान्या हुसैन (Hira Warina) की प्रेम कहानी से।
दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते हैं, लेकिन दोनों के परिवार सांप्रदायिक और कट्टरपंथी सोच रखते हैं।
इसलिए वे कोर्ट मैरिज का प्लान बनाते हैं, लेकिन वह फेल हो जाता है।
इसके बाद शुरू होता है सबसे बड़ा ड्रामा—
सान्या से शादी करने के लिए मोहन इस्लाम अपनाने का फैसला करता है, और बन जाता है मेहमूद।
लेकिन एक बड़ी गलती के चलते वह सान्या की बहन से शादी कर बैठता है!
उधर उसके अपने माता-पिता जबरन उसकी शादी मीरा (Tridha Choudhary) से करवा देते हैं।
और कमाल तो तब होता है जब सान्या खुद क्रिश्चियनिटी अपना लेती है और गोवा में चर्च शादी का प्लान बनाती है।
मोहन → मेहमूद → माइकल… और फिर एक तीसरी शादी!
जैनी (Parul Gulati) भी उसकी नई जिंदगी का हिस्सा बन जाती है।
तीन पत्नियाँ, तीन पहचाने — लेकिन एक ही इंसान।
यहीं से शुरू होती है फिल्म की असली कॉमिक जर्नी।
Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review फिल्म की USP: कॉमेडी के बीच गहरा संदेश
पहली फिल्म में जहाँ सिर्फ हंसी थी, वहीं Kis Kisko Pyaar Karoon 2 में
ह्यूमर + हार्ट + ह्यूमैनिटी
का बेमिसाल कॉम्बिनेशन है।
धर्म परिवर्तन पर तंज नहीं, संवेदनशीलता
सान्या के पिता का डायलॉग गहरा असर छोड़ जाता है:
“क्या तू प्यार के लिए धर्म बदल लेगा?”
जिस पर मोहन का जवाब—
“प्यार बदलने का नहीं, अपनाने का नाम है।”
इस एक लाइन में फिल्म का पूरा संदेश छिपा है।
एकता और सेक्युलरिज़्म का खूबसूरत रूपक
रिपब्लिक डे वाले सीक्वेंस में जब मोहन एक जगह मेहमूद, दूसरी जगह माइकल और तीसरी जगह मोहन शर्मा के नाम से खून देता है—
एक खून, तीन नाम।
सीधा और असरदार संदेश —
धर्म से पहले इंसानियत है।
ट्रांस कम्युनिटी का पॉजिटिव रिप्रेजेंटेशन
जहां ज्यादातर फिल्मों में हास्य पात्र के रूप में दिखाया जाता है, यहाँ उन्हें सम्मानजनक और संवेदनशील तरीके से दर्शाया गया है।
कपिल शर्मा का अभिनय: सीमित लेकिन सटीक
कपिल पहली फिल्म के मुकाबले कहीं ज्यादा मैच्योर दिखाई देते हैं।
उनके जोक्स अब बेतुके नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिखे गए, दिल वाले पंच हैं।
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कॉमिक टाइमिंग शानदार
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ओवरऐक्टिंग नहीं
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एक्सप्रेशन गेम स्ट्रॉन्ग
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इमोशनल सीन्स में भरोसेमंद
फिल्म कपिल की ग्रोथ को साफ दिखाती है।
राइटिंग और डायरेक्शन: अनुकल्प का नया अवतार

पहली फिल्म में अनुकल्प गोस्वामी ने सिर्फ गुदगुदाने पर फोकस किया था।
लेकिन इस फिल्म में उनकी लिखावट गहरी, परिपक्व और उद्देश्यपूर्ण है।
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हर मज़ाक कहानी को आगे बढ़ाता है
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गैर-जरूरी डबल मीनिंग नहीं
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भावनात्मक दृश्य ओवरड्रामेटिक नहीं
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धर्म, एकता और मानवीय मूल्यों को हल्के लेकिन प्रभावी तरीके से दिखाया गया हैKis Kisko Pyaar Karoon 2 Review
डायरेक्शन थोड़ा असमान जरूर लगता है, कुछ जगह फिल्म ढीली पड़ती है, लेकिन लेखन इसकी भरपाई कर देता है।
सपोर्टिंग कास्ट: फिल्म की असली जान Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review
Manjot Singh
कपिल के दोस्त के रूप में बेहतरीन कॉमिक सपोर्ट।
Vipin Sharma
सान्या के पिता के रूप में दमदार उपस्थिति। बहुत ही अलग अंदाज में दिखे।
Tridha Choudhary, Parul Gulati, Hira Warina
तीनों पत्नियाँ अच्छी तरह गढ़ी गई हैं; सिर्फ ग्लैमर शोपीस नहीं।
Tridha Choudhary, Parul Gulati, Hira Warina
उनका छोटा लेकिन यादगार रोल, धर्म और इंसानियत पर सुंदर मैसेज छोड़ जाता है।Kis Kisko Pyaar Karoon 2 Review
क्या फिल्म कमजोर भी पड़ती है? (Cons)
हाँ, कुछ जगह फिल्म कमज़ोर भी है:
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दूसरी हाफ थोड़ी लंबी लगती है
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कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा चलाए गए
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क्लाइमेक्स प्रेडिक्टेबल है
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सिनेमाटोग्राफी एवरेज है
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कॉमेडी हर किसी के स्वाद से मेल नहीं खा सकती
लेकिन इन सबके बावजूद फिल्म मनोरंजन + संदेश दोनों में बाज़ी मार लेती है।
फिल्म देखकर आपको क्या अनुभव होगा?
यह फिल्म आपको—
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हँसाती है
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सोचने पर मजबूर करती है
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धर्म, प्यार और रिश्तों पर एक नई नजर देती है
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और सबसे महत्वपूर्ण—दिल को हल्का कर देती है
यह एक फील-गुड फैमिली एंटरटेनर है।
Kis Kisko Pyaar Karoon 2 मनोरंजन के साथ एक बड़ा संदेश लेकर आती है।
यह सिर्फ कपिल शर्मा की वापसी नहीं है, बल्कि एक ह्यूमर-ड्रिवन सेक्युलर फेबल भी है।
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परिवार के साथ देखने लायक
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हंसी और इमोशन का सही बैलेंस
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संदेश दिल को छू जाता है
कुल मिलाकर, 2025 की यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आएगी।
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