Dhurandhar Review (Hindi) 2025: रणवीर सिंह की फायरबैक परफॉर्मेंस और अक्षय खन्ना की जबरदस्त मौजूदगी

Dhurandhar Review : दो साल लंबे इंतजार के बाद रणवीर सिंह एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटे हैं और साफ नज़र आता है—यह उनकी करियर की सबसे जानदार परफॉर्मेंस में से एक है।
अदित्य धर द्वारा निर्देशित Dhurandhar एक ऐसी स्पाय थ्रिलर है, जो जासूसी, गैंगस्टर पॉलिटिक्स, पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और भारत के बदले की भावना—all-in-one तरीके से पेश करती है।
फिल्म 3 घंटे 32 मिनट लंबी है, लेकिन रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना आपको पूरे समय बांधे रखते हैं
कहानी: IC-814 हाइजैक से लेकर पाकिस्तान की गैंगस्टर पॉलिटिक्स तक(Dhurandhar Review)
कहानी की शुरुआत 30 दिसंबर 1999 से होती है—यानी उस वक्त से जब भारत सरकार को कंधार हाइजैक के दोषियों को रिहा करना पड़ा था।
यहां हमें मिलते हैं आर. माधवन के शानदार किरदार—IB अफसर अजय सन्याल,
जो आतंकियों को छोड़ने के फैसले के खिलाफ हैं।
इसी दौरान जन्म लेता है भारत का गुप्त ऑपरेशन—“Dhurandhar”।
फिर एंट्री होती है फिल्म के मूल “हथियार”—
हमज़ा अली मज़ारी उर्फ जसकीरत सिंह रंगल (Ranveer Singh)
जिसे पाकिस्तान के सबसे खतरनाक इलाकों में से एक—लियारी—में भेजा जाता है।
लियारी को पाकिस्तान का अंडरवर्ल्ड हृदय कहा जाता है—जो उसे नियंत्रित करता है, वह पाकिस्तानी राजनीति तक पहुँच रखता
शुरुआत: कंधार हाइजैक और भारत का गुप्त मिशन
फिल्म की कहानी 30 दिसंबर 1999 से शुरू होती है—यानी उस दिन से ठीक एक दिन पहले जब IC-814 हाइजैक के यात्रियों को पाकिस्तान और तालिबान की मौजूदगी में रिहा किया गया था।
इसी backdrop के साथ एंट्री होती है IB के सीनियर ऑफिसर अजय सन्याल (R. माधवन) की।
माधवन का किरदार ठीक वैसे ही गंभीर, बुद्धिमान और भावनात्मक है जैसा आप उनसे उम्मीद करते हैं।
वह आतंकियों को रिहा करने के फैसले का जोरदार विरोध करते हैं, लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के कारण उनकी बात नहीं मानी जाती।
यही पल उन्हें एक ऐसे प्रोजेक्ट की ओर धकेलता है जो आगे जाकर भारत की सबसे खतरनाक और गुप्त कार्रवाई बनता है—
Operation Dhurandhar.
यह ऑपरेशन सिर्फ बदला लेने के लिए नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान के अंदर पल रहे आतंकवाद, राजनीति, ISI और अंडरवर्ल्ड की जड़ें उखाड़ने का एक मास्टर प्लान है।
लियारी: पाकिस्तान के अंडरवर्ल्ड का गंदा सच
फिल्म का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के लियारी इलाके में आधारित है—
जो अंडरवर्ल्ड, ISI और राजनीतिक गुटों का केंद्र माना जाता है।
फिल्म यहां दिखाती है कि:
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जमीन
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गैंग
-
राजनीति
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और ISI
कैसे मिलकर पूरे सिंध को कंट्रोल करते हैं।
लियारी की जटिलता, किरदारों की ठसक और वहां की गंदी राजनीति फिल्म को और अधिक रियल ब
रणवीर सिंह का सबसे इंटेंस अवतार(Dhurandhar Review)
रणवीर यहां पूरी तरह ट्रांसफॉर्म्ड दिखाई देते हैं—
-
फुर्तीला
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खतरनाक
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चालाक
-
और साथ ही दिल में दबा दर्द
उनका कई जगह “कवर फटने” वाला तनाव बेहद रियल लगता है।
ये परफॉर्मेंस यह साबित करती है कि रणवीर किसी भी किरदार में जान डाल सकते हैं।
Akshaye Khanna: फिल्म का असली शोस्टॉपर
अक्षय खन्ना का किरदार लियारी के डॉन जैसे गैंगस्टर पर आधारित है, जो अपराध से निकलकर राजनीति में कदम रखना चाहता है।
उनके हर सीन में एक गजब की पकड़ दिखाई देती है—
-
भावनाएं
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क्रूरता
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सत्ता की भूख
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और रौब
कई जगह वे रणवीर पर भारी पड़ते दिखते हैं।
संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और बाकी कलाकार
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संजय दत्त का SP चौधरी असलम वाला किरदार बेहद दमदार और डर पैदा करने वाला है।
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अर्जुन रामपाल का ISI ऑफिसर मेजर इक़बाल—कम स्क्रीन टाइम के बावजूद यादगार।
खासकर fishhooks वाला टॉर्चर सीन रोंगटे खड़े कर देता है। -
राकेश बेदी, सारा अर्जुन और गौरव गेरा भी अपने किरदारों में फिट बैठते हैं।
म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर
शाश्वत सचदेव एक बार फिर अपनी कलाकारी दिखाते हैं।
फिल्म में पाकिस्तानी और भारतीय क्लासिक गीतों का शानदार मिश्रण है—
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हसन जहांगीर का Hawa Hawa
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ग़ुलाम अली का Chupke Chupke
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Nusrat Fateh Ali Khan का Afreen Afreen
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और Piya Tu Ab to Aaja जैसे evergreen गाने
जिन्हें सुनना खुद में एक अनुभव है।
निर्देशन, स्क्रीनप्ले और कमियाँ
अदित्य धर फिल्म को बड़े पैमाने पर माउंट करते हैं, लेकिन कुछ कमियाँ दिखती हैं—
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फिल्म का “एपिसोड फॉर्मेट” कुछ दर्शकों को विचलित कर सकता है।
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दूसरा हाफ थोड़ा अलग फिल्म जैसा महसूस होता है।
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कई जगह ज़रूरत से ज्यादा हिंसा और गोर दिखाई देती है—जो सभी दर्शकों के लिए नहीं है।
लेकिन फिर भी सीन, एक्टिंग और इमोशन्स इसे मजबूत फिल्म बनाते हैं।
फिल्म के सेट पाकिस्तान के असली इलाकों जैसे महसूस होते हैं।
रात के sequences, गली के scenes और लियारी के अंदरूनी हिस्सों को बेहद गहराई से शूट किया गया है।
सिनेमेटोग्राफी शानदार है—
हर फ्रेम gritty, dark और atmospheric दिखता है।
एडिटिंग अच्छी है लेकिन रनटाइम कम किया जा सकता था।
हिंसा, खून, टॉर्चर – कमजोर दिल वालों के लिए नहीं
फिल्म बेहद violent है।
कई सीन्स में खून, अंग और टॉर्चर को बहुत वास्तविक रूप में दिखाया गया है।
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टॉर्चर उपकरण
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फिशहुक सीन
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गोलीबारी
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हाथापाई
सब बेहद raw और disturbing दिखते हैं।
अगर आप soft-hearted viewer हैं—तो यह फिल्म आपको असहज कर सकती है।
Dhurandhar Part-2 का टीज़र
फिल्म का अंत किसी बड़े क्लिफहैंगर पर नहीं होता,
लेकिन कई बड़े सवाल अनसुलझे छोड़कर Part-2 की नींव रख दी जाती है।
जिसे देखने दर्शक ज़रूर वापस आएंगे—19 मार्च 2026 को।
फिल्म Baahubali जैसे cliffhanger पर end नहीं होती,
लेकिन इतने सवाल छोड़ देती है कि दर्शक Part-2 का इंतजार ज़रूर करेंगे।
Part-2 19 मार्च 2026 को रिलीज़ होगी।
ट्रेलर के कई प्रमुख दृश्य Part-2 से हैं, जो बताता है कि असली खेल तो आगे शुरू होगा।
(Verdict)Dhurandhar Review
रेटिंग: (3/5)
Dhurandhar एक मसालेदार, स्टाइलिश और हाई-इंटेंसिटी स्पाय थ्रिलर है।
रणवीर सिंह की दमदार वापसी और अक्षय खन्ना की बेहतरीन अदाकारी इसे देखने लायक
यदि आप
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स्पाय थ्रिलर
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मिलिट्री/इंटेलिजेंस ड्रामा
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पाकिस्तानी अंडरवर्ल्ड
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या रणवीर सिंह–अक्षय खन्ना
के फैन हैं—
तो यह फिल्म आपके लिए मस्ट-वॉच है।
हाँ, फिल्म लंबी है,
कहीं-कहीं भारी लगती है,
हिंसा बहुत ज्यादा है,
और दूसरा हाफ थोड़ा ढीला है।
लेकिन फिर भी—
रणवीर सिंह की आग उगलती परफॉर्मेंस,
अक्षय खन्ना की क्लासिक एक्टिंग,
और अदित्य धर का बड़ा विज़न
इसे देखने लायक बनाते हैं।
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